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दिल्ली-एनसीआर समेत लगभग पूरे उत्तर भारत में भीषण गर्मी पड़ रही है. ऊपर से लू के गर्म थपेड़ों ने आदमी की हालत और खराब कर दी है. दिल्ली समेत उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्से और बिहार बृहस्पतिवार को भीषण लू की चपेट में रहे. कई स्थानों पर अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस को भी पार कर गया. देश में बृहस्पतिवार को सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान बिहार के बक्सर में 47.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 8.9 डिग्री अधिक था. इस गर्मी में, भारत ने संभवतः सबसे लंबे समय ज्यादा तक पहले के मुकाबले अधिक गर्म दिनों का सामना किया है.

ओडिशा में चली सबसे ज्यादा दिनों तक लू

आईएमडी के अनुसार, एक मार्च से नौ जून के बीच ओडिशा में 27 दिन लू चली, जो देश में सबसे अधिक है. इसके बाद पश्चिम राजस्थान (23) तक लू चली. फिर पश्चिम बंगाल (21), हरियाणा-दिल्ली-पश्चिम उत्तर प्रदेश (20), पश्चिम मध्य प्रदेश (19), गुजरात और पूर्वी राजस्थान (17-17) का स्थान है. इतने दिनों तक लू का चलना कोई सामान्य बात नहीं है. अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक इन क्षेत्रों में इतने दिनों तक आम तौर पर सालाना होने वाली संख्या से दोगुनी से भी ज़्यादा थीं.

कई और दिनों तक झेलनी होगी लू के गर्म थपेड़ों की मार

आईएमडी ने कहा कि भारत के उत्तरी भागों में “गंभीर लू की स्थिति” अगले 4-5 दिनों तक जारी रहने की संभावना है. 1 मार्च से 9 जून के लिए आईएमडी ने जो डेटा साझा किया. उससे पता चलता है कि देश के 36 मेट्रोलॉजिकल सबडिवीजन में से 14 में 15 से अधिक लू वाले दिन दर्ज किए गए हैं. जिनमें पूर्वी और उत्तरी भारत सबसे ज़्यादा प्रभावित हैं. यहां तक ​​कि हिमाचल प्रदेश ठंडे ऊंचाई वाले इलाकों में भी 12 दिन तक लू चली, इसके बाद सिक्किम (11), जम्मू और कश्मीर (6) और उत्तराखंड (2) का स्थान रहा.

हिमाचल प्रदेश जैसे ठंडे ऊंचाई वाले इलाकों में भी 12 दिन तक लू चली, इसके बाद सिक्किम (11), जम्मू और कश्मीर (6) और उत्तराखंड (2) का स्थान रहा.

कब घोषित की जाती है लू की स्थिति

लू की स्थिति तब घोषित की जाती है जब किसी जगह का अधिकतम तापमान मैदानी इलाकों में कम से कम 40 डिग्री सेल्सियस और पहाड़ी क्षेत्रों में कम से कम 30 डिग्री सेल्सियस हो और यह सामान्य तापमान से 4.5 से 6.4 डिग्री सेल्सियस अधिक हो. यदि यह सामान्य से 6.5 डिग्री या अधिक है, तो गंभीर हीटवेव घोषित की जाती है. अगर पारा 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है तो गंभीर हीटवेव घोषित की जाती है. तटीय इलाकों में, लू तब घोषित की जाती है जब अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक हो और प्रस्थान सामान्य से 4.5 डिग्री या उससे अधिक हो.

दिल्ली वालों पर अभी और पड़ेगी लू की मार

गुरुवार को लगातार पांचवें दिन भी दिल्ली में लू का प्रकोप जारी रहा. लू का ये प्रकोप अगले पांच दिनों तक जारी रहने की संभावना है. इस दौरान अधिकतम तापमान 44-45 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा. हालांकि, शुक्रवार दोपहर या शाम को एक-दो स्थानों पर आंधी चलने और बिजली गिरने के साथ बूंदाबांदी की भी संभावना है. गुरुवार को पूसा 47.2 डिग्री सेल्सियस के साथ दिल्ली का सबसे गर्म जगह रही.

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